अमेठी जनपद में आईजीआरएस पर शिकायत करने वालों की सुनवाई नहीं होती । शिकायत कर्ताओं को भारी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है । शिकायत करने वाले व्यक्ति को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इस बात से आश्वस्त किया जाता है कि उसके द्वारा की गई शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्ता परक किया जाएगा लेकिन अमेठी जनपद में आलम कुछ दूसरा है जहां पोर्टल पर शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता को आईजीआरएस संख्या तो प्राप्त हो जाती है लेकिन उसमें रिपोर्ट जो लगाई जाती है वह हास्यास्पद हो जाता है । एक प्रकरण मुसाफिरखाना तहसील से जुड़ा हुआ है जिसकी शिकायत संख्या 4002031900 6020 है जिसमें शिकायतकर्ता रघुनाथ राम आदि ने ग्राम नारा आढंनपुर की गाटा संख्या 3506 जो घूरगड्डा व पंचायत घर के लिए सुरक्षित जमीन है ।उस पर विपक्षी तुलसीराम द्वारा पक्का निर्माण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इसे तत्काल रुकवाये जाने की प्रार्थना करते हुए खाद गड्ढे की जमीन को सुरक्षित करने हेतु आइजीआरएस आवेदन किया था। उसके द्वारा की गई शिकायत पर हल्का लेखपाल ने जांच करते हुए घूर गड्ढे की जमीन को बंजर खाते के पट्टे की जमीन में परिवर्तित कर दिया और अपने रिपोर्ट में बताया कि पटटेदार को कब्जा करा दिया गया है इसमें आप किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है आपको बताते चलें कि तहसील मुसाफिरखाना के अंतर्गत ग्राम नारा अढ़ंनपुर में लेखपाल राम पाल की नियुक्ति हुई है और उनको इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था
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